चल तू अकेला – रबीन्द्रनाथ टैगोर (हिन्दी भाषांतर : घनश्याम ठक्कर)

हमारी प्राथमिक शालामें कई अभिप्रेरक कविताएं पढनेकी/गानेकी परंपरा थी. आयु के उस सूर्योदय कालमें कुछ ऐसे काव्य गाये, अपनाये,  जिनका प्रकाश आज तक जीवनपथको ज्योतिमान करता रहा है. गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोरकी इस कविताका अनुवाद गांधीजीके निकटतम अनुयायी श्री महादेव देसाईने किया था. मैंने उस अनुवादका हिन्दी भाषांतर उसी लयमें किया है. आशा है आपको पसंद आयेगा. घ. ठ.

(तबे एकला चलो रे। – रबीन्द्रनाथ टैगोर )

Rabindranath Tagore

चल तू अकेला 

(गीत)

बंगाली-गुजराती भाषांतर : महादेवभाई देसाई

गुजराती-हिन्दी भाषांतर : घनश्याम ठक्कर

 

About Ghanshyam Thakkar

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