रेस्तरां शिष्टाचार (हास्य…. लोक-चुटकुले) – घनश्याम ठक्कर (ओएसीस)

बबाभाई रामभरोसे होटल में खाने के लिये गये. वे टेबल पर पैर लगा कर बैठ गये. खाने के लिये लायी गई खाली प्लेट में हाथ धोने लगे. मेनेजर ने यह देखा और वे बबाभाई पर क्रोधित हो गया.

“एय मीस्टर, ये कैसा वर्तन कर रहे हो. कभी कोई होटल-फोटल में गये हो?”

बबाभाईः “गया हूं. हेवमोर में गया हूं, मेरीओट में गया हूं, फाइव स्टार गुजराती थाली वाली होटल में भी गया हूं.”

मेनेजरः और किसी ने कुछ कहा नहीं?

बबाभाईः “कहा था. सब ने कहा कि अगर ऐसा वर्तन करना हो तो ‘राम भरोसे होटल’ में जाओ.

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